आखिर क्यों…मेरी कलम से | Hindi Kavita by Tripti Srivastava | Jovial Talent

 आखिर क्यों…मेरी कलम से – Hindi Kavita याद आती है मुझे, गुजरे जमाने की वो धुंधली तस्वीर…   वो रातों को जगना, अरमानों को पंख लगाना, निंदिया को भगाकर, किताबों …

Read more

नयी उम्मीदें – मेरी कलम से | Hindi Kavita by Tripti Srivastava| Jovial Talent

नयी उम्मीदें – मेरी कलम से    Hindi Kavita      नयी उम्मीदें – मेरी कलम से   खुद ही से मैं नज़रें चुराने लगी हूं, उन यादों से दामन छुड़ाने …

Read more

ये तन्हाइयां | Hindi Poem | Hindi Kavita | Jovial Talent -7

  ये तन्हाइयां       ये तन्हाइयां हमेशा ही तेरा साथ निभाती हैं, निःस्वार्थ भावना से तुझे गले से लगाती हैं।   परेशानियों में जब तेरी आँखें हैं डबडबाती, …

Read more