काश कभी तुम समझ सको….मेरी कलम से | Hindi Kavita | काव्य रचना | Jovial Talent

  काश कभी तुम समझ सको….मेरी कलम से             अपने सपनों का दमन किया, तेरे सपनों को नमन किया। अपने सारे कर्तव्यों का मैंने, हँसते-हँसते …

Read more

कोरोना कोरोना…..मेरी कलम से | Hindi Poem | Hindi Kavita 7

कोरोना कोरोना…..मेरी कलम से | Hindi Kavita कोरोना कोरोना ऐसा सितम करो ना । किसी और के गलती की, हम सब को सज़ा दो ना ।। पूरे विश्व मे तहलका, …

Read more

याद आती है मुझे | Hindi Poem by Tripti Srivastava | Jovial talent – 1

याद आती है मुझे……मेरी कलम से याद आती है मुझे, गुजरे जमाने की वो धुंधली तस्वीर… वो रातों को जगना, अरमानों को पंख लगाना, निंदिया को भगाकर, किताबों को जगह …

Read more

शब्दों की माला….मेरी कलम से | Hindi Poem by Tripti Srivastava – 7

शब्दों की माला जब तक मुझको न था उचित ज्ञान, शब्दों के प्रयोग से थी मैं अनजान, न था इन पर मेरा तनिक ध्यान, न ही थी इनकी मैं कद्रदान। …

Read more