Rahu Grah Ki Shanti Ke Upay in Hindi | राहु ग्रह की शांति के उपाय 2022

 

Rahu Grah Ki Shanti Ke Upay – राहु ग्रह दोष का निवारण

किसी व्यक्ति के जीवन में ग्रहों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ये ग्रह उसके जीवन पर सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव डालते है। इन ग्रहों का आपस में संयोजन भी व्यक्ति को बहुत प्रभावित करता है। सभी ग्रहों की तरह राहु ग्रह का भी कुंडली (Kundali) में महत्व है. राहु दोष (Rahu Dosh) होने से काम में बाधा, धन हानि, मानसिक पीड़ा, कमजोर आत्मविश्वास आदि की समस्याएं होने लगती हैं.

 

Rahu Grah Ki Shanti Ke Upay
Rahu Grah Ki Shanti Ke Upay
 
 

कुंडली में राहु दोष

अगर कुंडली में राहु दोष (Rahu Dosh) बन जाए तो मानसिक तनाव बढ़ता है. इसके अलावा आर्थिक नुकसान, तालमेल की कमी और ग्रहों का अशुभ प्रभाव पड़ने लगता है. जातक को जीवन में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इससे उसे आर्थिक परेशानियां झेलनी पड़ती हैं और बनते हुए कई काम अटक जाते हैं.

अगर आप भी राहु दोष से पीड़ित हैं, तो इन्हें दूर करने के लिए कुछ आसान से उपायों को अपनाया जा सकता है. आइये जाने राहु ग्रह की शांति के उपाय (Rahu Grah Ki Shanti Ke Upay) ….

 राहु ग्रह दोष का निवारण ( Rahu Grah Ki Shanti Ke Upay )

जिनका राहु खराब होता है वे लोग गंदे तरीके से रहते हैं नहाते नही हैं । उनके नाखून बढ़े हुए रहते हैं । वे किसी की बात नही सुनते हैं और खुद को सर्वोपरि समझने लगते हैं। इनमें धैर्य की भी कमी होती है।  खराब राहु का अन्य ग्रहों पर भी दुष्प्रभाव पड़ने लगता है. बनते काम बिगड़ने लगते हैं. पैसे की बर्बादी होने लगती है.

आप कुछ आसान उपायों से राहु दोष से मुक्ति पा सकते हैं. तो आइये दोस्तोँ, जानते हैं कि Rahu Grah को शुभ करने के लिए कौन से उपाय किये जायें …

राहु ग्रह के प्रभाव को दूर करने के ज्योतिषीय उपाय :

1.  नहाने की बाल्टी में गेंदे के फूल की पत्तियां, गंगा जल तथा कुशा डालकर नहाये और ओम नमः शिवाय का जाप करें।

2.  बुधवार को विकलांगों तथा अनाथ लोगोँ सहायता करें।

3.  रविवार को बिना पत्तों की मूली किसी  गरीब को दान करें।

4.  250 ग्राम सौंफ तथा कुशा लेकर उसे लाल कपड़े में रखकर तकिया बनाकर रात को सोयें।

5. अपनी लंबाई के बराबर नीला धागा लें और नारियल के ऊपर लपेटकर किसी शुक्रवार की रात सिरहाने रख कर सोयें और शनिवार को अपने सिर से सात बार वार कर किसी बहते जल में प्रवाहित कर दें। ऐसा 2 शुक्रवार को करें।

Rahu Grah Ki Shanti Ke Upay

 
6.  सूर्य के साथ राहु का योग शुभ फल नही देता है और जातक को आगे बढ़ने में बाधा डालता है।
 

7.  अपनी छत पर सात प्रकार के अनाज और किसी पात्र में जल रख कर पक्षियों को दें।

8.  महीने में एक बार किसी अस्पताल जाकर वहां का जल ग्रहण कर लें।

9.  शनिवार को सफेद तिल तथा चीनी मिलाकर चींटियों को खिलायें।

10.  अपने शयनकक्ष में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा बंद घड़ियां न रखें।

11.  मांस मदिरा का बिल्कुल भी सेवन न करें।

12.  काले तथा नीले कपडों का बिल्कुल इस्तेमाल न करें।

 
 
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13.  अनुलोम विलोम किया करें।
 

14.  अगर कुंडली में शुक्र आगे और बुध पीछे हो तो राहु अच्छे फल देता है परंतु इसके विपरीत बुरा प्रभाव देता है।

15.  अष्टम भाव का राहु परिवार से अलग कर देता है। बवासीर का रोगी भी बना देता है। परंतु जातक बहुत बुद्धिमान होता है।

राहु ग्रह के अन्य ग्रह के साथ संयोजन के हमारे जीवन पर प्रभाव :

राहु कुंडली का महत्वपूर्ण ग्रह है। ये खुद तो हमारे जीवन पर प्रभाव डालता ही है लेकिन इस ग्रह का कुंडली के अन्य ग्रहों के साथ संयोजन भी व्यक्ति को अलग अलग तरह से प्रभावित करता है।

 

Rahu Grah Ke Upay

 

राहु-सूर्य : 

इन दोनों ग्रहों के संयोजन को ग्रहण योग के रूप में जाना जाता है। यह व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है और उसकी आँखे भी कमजोर हो जाती है। इस योग की वजह से उसके जीवन में मानहानि की संभावना बढ़ जाती है। 
 
इस समस्या को दूर करने के लिए आप नियमित रूप से सूर्य को पानी चढ़ाना चाहिए।
 

राहु-चन्द्रमा : 

चन्द्रमा और राहु ग्रह के संयोजन को भी ग्रहण योग के नाम से ही जाना जाता है। इन योग की वजह से मानसिक कमजोरी हो सकती है। इसकी वजह से आपको मानसिक स्थिति में उतार-चढ़ावों का सामना करना पड़ सकता है।
 
इस स्थिति में आपको भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।
रात्रि में दूध नहीं पीना चाहिए. सफ़ेद वस्त्र धारण नहीं करना चाहिए और चन्द्रमा से सम्बन्धित रत्न नहीं पहनना चाहिए.
 

राहु-मंगल : 

इन दोनों ग्रहों के साथ होने पर अंगारक योग का निर्माण होता है। यह आपके लिए क्रोध और दुर्घटना जैसी समस्याओं में वृद्धि करता है। इसकी वजह से आपके व्यवहार पर भी प्रभाव पड़ता है। 
 
इस योग से छुटकारा पाने के लिए आपको हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
 

Rahu Grah Ki Shanti Ke Upay

 

राहु-बुध : 

इन दोनों ग्रहों के संयोजन की वजह से उत्पन्न होने वाला योग आपके बोलने की क्षमता और ज्ञान में समस्या पैदा करता है। इसकी वजह से कई बार आपको त्वचा से संबंधित समस्याओं का सामना करना भी पड़ सकता है। 
 
इन योग को दूर करने के लिए आपको सुबह के समय तुलसी के पत्ते खाने चाहिए और सूर्य को पानी चढ़ाना चाहिए।
 

राहु-बृहस्पति : 

इन दोनों ग्रहों के संयोजन को गुरुचण्डाल योग के नाम से जाना जाता है। इसकी वजह से आपके जीवन में नकारात्मकता बढ़ जाती है और वैवाहिक जीवन में भी समस्या आने लगती है। 
 
इन स्थिति में आपको धार्मिक राह पर चलना चाहिए। गीता का पाठ करना भी इस स्थिति में फायदेमंद हो सकता है।
 

राहु-शुक्र : 

राहु और शुक्र ग्रह का साथ होना आपके चरित्र में दोष पैदा करता है। इसकी वजह से छोटी उम्र में ही व्यक्ति गलत संगत में पड़ जाता है। इसके प्रभाव से कई बार उस पर गलत इलज़ाम भी लग सकते है। 
 
आप शिव जी की पूजा कर के इस समस्या को दूर कर सकते है।
 

राहु-शनि : 

राहु और शनि ग्रह के संयोजन को नंदी योग के नाम से जाना जाता है। इसकी वजह से जीवन में कई उतार-चढाव और समस्यायें आती है।
 
इस स्थिति से छुटकारा पाने के लिए आपको शनि देव की पूजा करनी चाहिए। साथ ही आप दांये हाथ की मध्य ऊँगली में चांदी की अंगूठी भी पहन सकते है।
 
 

राहु मंत्र (Rahu Grah Mantra)

 
अगर आपकी कुंडली में राहु दोष (Rahu Dosh) है, तो नियमित रूप से राहु मंत्र (Rahu Grah Mantra)
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
का जाप करना चाहिए. कहते हैं कि इस मंत्र के जाप से भी राहु दोष (Rahu Grah Dosh) से मुक्ति मिलती है.
 

Conclusion

दोस्तों, आज हमने राहु ग्रह की शांति के उपाय ( Rahu Grah Ki Shanti Ke Upay ) के बारे में बताया। हमारी ये पोस्ट कैसी लगी, कृपया कमेन्ट करके बताएं। अगर पोस्ट अच्छी लगी हो या आपको इस post से related कोई सवाल या सुझाव है तो नीचे comment करें और इस post को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें .

by Tripti Srivastava
मेरा नाम तृप्ति श्रीवास्तव है। मैं इस वेबसाइट की Verified Owner हूँ। मैं न्यूमरोलॉजिस्ट, ज्योतिषी और वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ हूँ। मैंने रिसर्च करके बहुत ही आसान शब्दों में जानकारी देने की कोशिश की है। मेरा मुख्य उद्देश्य लोगों को सच्ची सलाह और मार्गदर्शन से खुशी प्रदान करना है।

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