कोरोना कोरोना…..मेरी कलम से | Hindi Poem | Hindi Kavita 7

कोरोना कोरोना…..मेरी कलम से | Hindi Kavita

कोरोना कोरोना.....मेरी कलम से
कोरोना कोरोना…..मेरी कलम से
कोरोना कोरोना
ऐसा सितम करो ना ।
किसी और के गलती की,
हम सब को सज़ा दो ना ।।
पूरे विश्व मे तहलका,
आँखो से दर्द छलका ।
भड़के हुए शोलों को,
अब और हवा दो ना ।।
कोरोना कोरोना……ऐसा सितम करो ना ।

सहमी हैं हर निगाहें,
सूनी पड़ी हैं राहें ।
एक दूसरे से हमको,
अब दूर तुम करो ना ।।
कोरोना कोरोना……ऐसा सितम करो ना ।

तुमको शायद नही खबर है,
कितना भयानक इसका असर है ।
हम सबकी लाचारियों का,
अब अंत तुम करो ना ।।
कोरोना कोरोना……ऐसा सितम करो ना ।

अब तेरे इस कहर से,
हमें कब तक मिलेगी मुक्ति ।
कैसे मिलेगी ‘तृप्ति’ ,
कुछ तो जवाब दो ना ।।
कोरोना कोरोना………ऐसा सितम करो ना ।

—–तृप्ति श्रीवास्तव

यह भी पढें :

शब्दों की माला….मेरी कलम से

by Tripti Srivastava
मेरा नाम तृप्ति श्रीवास्तव है। मैं इस वेबसाइट की Verified Owner हूँ। मैं न्यूमरोलॉजिस्ट, ज्योतिषी और वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ हूँ। मैंने रिसर्च करके बहुत ही आसान शब्दों में जानकारी देने की कोशिश की है। मेरा मुख्य उद्देश्य लोगों को सच्ची सलाह और मार्गदर्शन से खुशी प्रदान करना है।

Leave a Comment