Omicron Variant News : Omicron Sub-Variant BA.2 | Omicron Variant के लक्षण और बचने के उपाय

Omicron New Variant  : जानें कितना खतरनाक और संक्रामक है ओमीक्रोन वैर‍िएंट 

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दोस्तों अगर आपको अभी तक Omicron variant (ओमीक्रोन वैर‍िएंट) के बारे में नही पता है कि Omicron variant क्या है? Omicron variant कितना खतरनाक है? भारत में Omicron variant (ओमीक्रोन वैर‍िएंट) की क्या स्थिति है या Omicron variant से कैसे बचें? तो आज की इस पोस्ट में मैं Omicron variant (ओमीक्रोन वैर‍िएंट) के बारे में एक-एक जानकारी देने वाली हूँ। कोरोना के नए वेरिएंट से डरने की जगह सावधानी और जानकारी आपको संक्रमण की चपेट में आने से बचा सकती है। इसलिए कृपया पूरी पोस्ट को ध्यान से पढें।

 

Omicron Variant
        Omicron Variant Coronavirus

                        

क्या है कोरोना का नया वेरिएंट (What is Omicron Variant) :

कोरोना महामारी आने के बाद से ही इसके कई वेरिएंट सामने आए हैं। दुनिया भर के वैज्ञानिक भी कोरोना के अलग अलग वेरिएंट पर नजर बनाए रखते हैं। दुनिया के कुछ देशों में कोरोना वायरस का नया वेरिएंट सामने आया है। दुनिया भर के वैज्ञानिक वायरस के इस नए स्वरूप के बारे में यह जानकारी जुटाने में लगे हैं कि क्या यह पहले सामने आए स्वरूपों की अपेक्षा ज्यादा खतरनाक है या नहीं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के इस नए वेरिएंट को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के इस नए वेरिएंट को B.1.1.529 कहा और इसे Omicron  Variant नाम दिया, जो एक ग्रीक शब्द है। WHO ने इस नए वेरिएंट को काफी खतरनाक और चिंताजनक बताया है।

जब शुरुआती दौर में विदेशी यात्रियों से ओमिक्रोन फैल रहा था तब उनमें इसका BA.1 स्ट्रेन प्रचलित था लेकिन, अब ओमिक्रोन ट्रांसमिशन (Omicron Transmission) के दौर में है तो कुछ जगहों पर इसका सब स्ट्रेन BA.2 भी नोट किया गया है.

ओमीक्रोन (Omicron Variant) नाम कैसे पड़ा ?

दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना वायरस के जिस नए वेरिएंट को B.1.1.529 कहा जा रहा था, उसे डब्ल्यूएचओ ने ‘ओमीक्रॉन’ नाम दिया है. यह ग्रीक वर्णमाला का शब्द है. ओमीक्रॉन ग्रीक वर्णमाला का 15 वां शब्द है।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के अनुसार, Covid-19 के नए वेरिएंट ओमिक्रोन (Omicron) जिसे B.1.1.529 भी कहा जाता है. इसके तीन और प्रकार है BA.1, BA.2 और BA.3. अभी तक देश में सिर्फ BA.1 के केस ही सामने आ रहे थे लेकिन, अब कई देशों में BA.2 के केस देखने को मिल रहे हैं

क्या है यह ओमीक्रोन वेरिएंट (What is Omicron).

इस नए वेरिएंट का का औपचारिक नाम B.1.1.529 है। इस वेरिएंट में कई म्युटेशन हैं और इनकी वजह से वायरस के काम करने के तरीके में बड़े बदलाव आ सकते हैं। डब्लूएचओ ने भी इस वेरिएंट को लेकर चिंता व्यक्त की है। ‘चिंता का वेरिएंट’ (Variants of concern) के रूप में इसे वर्गीकृत किया गया है।

यह इतना खतरनाक हो सकता है कि कोविड के दोनों डोज लेने के बाद भी लोगों को गंभीर रूप से संक्रमित कर सकता है। इस वैरिएंट ने साउथ अफ्रीका के साथ भारतीय लोगों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह नया संस्करण डेल्टा वैरिएंट की तुलना में और भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह बहुत घातक है।

ओमीक्रोन वेरिएंट के क्या लक्षण हैं? ( The Next Big Thing in Omicron Variant Symptoms )

अभी ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जो यह स्पष्ट कर सके कि Omicron Variant के लक्षण (Omicron Variant Symptoms) कोरोना वायरस के अन्य वैरिएंट से अलग है या उससे मिलते-जुलते. इसके लक्षणों में जरूरत से ज्यादा थकान, मांसपेशियों में हल्का दर्द, गले में खराश और सूखी खांसी शामिल है। जबकि कुछ मामलो में ही हल्का तेज बुखार दिखाई दे सकता है।

मरीज के लक्षण डेल्टा वेरिएंट से काफी अलग हैं। Omicron से संक्रमित मरीज को बहुत ज्यादा थकान, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द और सूखी खांसी जैसी समस्या होती है. शरीर का तापमान बढ़ जाता है. इसके लक्षण कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से काफी अलग हैं।

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान (NICD) ने कहा है कि वर्तमान में B.1.1.1.529 वेरिएंट के संक्रमण के बाद कोई असामान्य लक्षण दिखाई देने की बात सामने नहीं आई है। NICD ने यह भी कहा कि डेल्टा जैसे अन्य संक्रामक रूपों के साथ कोरोनावायरस के ओमीक्रोन वेरिएंट से संक्रमित लोगों में से कुछ एसिम्प्टोमैटिक भी हैं। वायरस के अन्य वेरिएंट की तुलना में इस वेरिएंट से संक्रमित होने का खतरा अधिक है।

आरटी-पीसीआर टेस्‍ट ( RTPCR Test ) 

आरटी-पीसीआर टेस्‍ट से हम Omicron Variant का पता लगा सकते हैं । वायरस के स्पाइक प्रोटीन और जीन में हो रहे बदलाव की वजह से अभी यह कहना मुश्किल है कि आरटी-पीसीआर टेस्ट से ओमिक्रोन वेरिएंट की मौजूदगी का पता चल सकता है या नहीं।

Omicron Variant : Variants of concern

डब्लूएचओ ने भी इस वेरिएंट को लेकर चिंता व्यक्त की है। ‘चिंता का वेरिएंट’ (Variants of concern) के रूप में इसे वर्गीकृत किया गया है। वेरिएंट ऑफ कंसर्न नाम तब दिया जाता है जब कोई वायरस तेजी से फैल रहा होता है या बहुत संक्रामक होता है।

ओमीक्रोन वेरिएंट, डेल्टा से अधिक खतरनाक बताया जा रहा है। वैज्ञानिक इसे अबतक का सबसे खराब और डरावना वेरिएंट बता रहे हैं। यह इतना खतरनाक हो सकता है कि कोविड के दोनों डोज लेने के बाद भी लोगों को गंभीर रूप से संक्रमित कर सकता है।

ओमिक्रोन वेरिएंट के ओरिजिनल वर्जन को BA.1 और BA.2 को सबसेट के तौर पर जाना जाता है. ज्यादातर देश इस वर्जन को वेरिएंट ऑफ कंसर्न यानी चिंता का वेरिएंट बता रहे हैं

 

Omicron Variant
      Omicron Variant

 

स्पाइक प्रोटीन क्या है : Spike Protein in Omicron Variant

कोरोना ग्रीक शब्द है, जिसका अर्थ है क्राउन। क्राउन के चारों तरफ सूरज की रोशनी की तरह किरणें निकली होती हैं। ऐसी ही संरचना कोरोना वायरस की है। कोरोना वायरस की जो ये लाइन बाहर की तरफ निकली होती हैं, ये स्पाइक प्रोटीन होती हैं। इसी को एस प्रोटीन भी कहा जाता है। ये स्पाइक प्रोटीन वायरस में कांटे वाले स्ट्रक्चर होते हैं। शरीर में स्पाइक प्रोटीन जीवित लोगों के अंदर वायरस का प्रवेश आसान बना देता है। ओमिक्रोन वेरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में 30 से अधिक म्यूटेशन देखे गए हैं जिसकी वजह से इसे अधिक संक्रामक माना जा रहा है। 

मनुष्य की बॉडी में ACE 2 रिसेप्टर होता है। जिसे Angiotensin Converting Enzyme 2 (ACE 2) receptor कहा जाता है। ये ACE 2 रिसेप्टर शरीर के अलग-अलग अंगों में पाए जाते हैं। हृदय की कोशिकाओं में, मासपेशियों की कोशिकाओं में, रक्त वाहिकाओं की कोशिकाओं आदि में पाए जाते हैं। लेकिन सबसे ज्यादा फेफडो़ं की कोशिकाओं में होते हैं। स्पाइक प्रोटीन ACE 2 रिसेप्टर पर जाकर चिपक जाता है। इनसे चिपकर वायरस लिविंग सेल के अंदर एंट्री कर जाता है। शरीर में अंदर जाने के बाद वायरस अपनी कॉपी बनाने लग जाता है और तेजी से शरीर में फैलता है।

Omicron Sub-Variant BA.2 : ओमिक्रॉन बीए.2

ओमिक्रॉन वेरिएंट थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब नई बड़ी मुसीबत ओमिक्रॉन वेरिएंट के सब-वेरिएंट बीए.2 (BA.2) की वजह से पैदा हो गई है। ओमिक्रोन वेरिएंट के ओरिजिनल वर्जन को BA.1 और BA.2 को सबसेट के तौर पर जाना जाता है. यह वायरस ओमिक्रॉन से भी ज्यादा तेज फैल रहा है। 

ओमिक्रॉन बीए.2, ओमिक्रॉन का एक सब-वेरिएंट है और इसका उपनाम स्टील्थ ओमाइक्रोन (stealth Omicron) भी है। यह ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था और अब पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहा है। यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (यूकेएचएसए) के अनुसार, बीए.2 कोविड स्ट्रेन को ओमिक्रॉन (बीए.1) सब-स्ट्रेन माना जाता है, जो बहुत तेजी से फैलने की क्षमता रखता है।

BA.2 के लक्षण क्या हैं? Omicron BA.2 Symptoms

ओमिक्रॉन बीए.2 के लक्षण पहले वेरिएंट की तुलना में कुछ अलग नहीं हैं। स्टडी में पाया कि सब वेरिएंट 33% ज्यादा तेजी से फैलता है.

अगर किसी को नीचे बताए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो उसे तुरंत कोरोना की जांच करानी चाहिए। इन लक्षणों में शामिल हैं-

दस्त

बहती या भरी हुई नाक

उलटी

सिरदर्द

गले में खराश

थकान महसूस होना

स्वाद या गंध की भावना का नया नुकसान

लगातार खांसी

मांसपेशियों या शरीर में दर्द

सांस लेने में कठिनाई

 

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Omicron Variant Symptoms

                                                                              Omicron Variant Symptoms

ओमीक्रोन वेरिएंट से कैसे बचें? (Precautions to prevent Omicron Variant )

विशेषज्ञ अब भी कोविड-19 से बचने के लिए वैक्सीनेशन पर जोर दे रहे हैं। उनका कहना है कि नए स्ट्रेन से बचने के लिए सावधानी अब भी जरूरी है। कोविड-19 के प्रभाव को रोकने के लिए जनता को कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है-

– कफ या छींक आने पर अपने टिश्‍यू का इस्तेमाल करें।
– मास्‍क पूरी तरह से नाक और मुंह पर फीट रहे। डबल लेयर मास्‍क‍िंग को अपनाएं।
– भीड़ वाली जगह से बचें।
– अपने हाथों को साफ रखें।
– अगर वैक्सीन नहीं लगा है तो वैक्सीन जरूर लगवाएं और दोनों डोज़ लें।

कितना खतरनाक Omicron Variant?

डेल्टा वही वैरिएंट है जिसने भारत में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान तबाही मचाकर रख दी थी। यह वैरिएंट इम्यून सिस्टम को भी चकमा दे सकता है। ओमीक्रोन पिछले वैरिएंट्स से ज्यादा संक्रामक है और वैक्सीनेशन या नेचुरल इंफेक्शन से होने वाले इम्यून रिस्पॉन्स को भी बेअसर कर सकता है।

WHO का कहना है कि शुरुआती साक्ष्य बता रहे हैं कि ओमीक्रोन वैरिएंट से उन लोगों को ज्यादा खतरा है जो पहले कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। नयी स्टडी में दावा किया गया है कि डेल्टा और बीटा वायरस से ओमिक्रॉन 5 गुना ज़्यादा तेज़ी से फैलता है।

कोविड से संक्रमित लोगों के लिए खतरनाक है Omicron Variant

अभी तक की गई जांच में यह सामने आया है कि जो लोग कोविड-19 से संक्रमित हो चुके हैं उनके लिए ओमीक्रोन अधिक खतरनाक है। वे कोरोना से संक्रमित लोगों को जल्दी अपनी चपेट में ले सकता है।

 

omicron variant blood group
      Omicron Variant affected blood group

 

इन 3 ब्लड ग्रुप वाले लोगों को हो सकता है संक्रमण का ज्यादा खतरा

भारतीय स्टडी में बताया गया कि जिन लोगों का ब्लड ग्रुप A और B है या फिर जिनमें आरएच पॉजिटिव (RH+) तत्व है, वे कोविड संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हैं। उन्हें इससे रिकवरी में बाकी लोगों की तुलना ज्यादा समय लग सकता है। जबकि जिन लोगों का ब्लड ग्रुप O, AB या फिर जिनमें आरएच निगेटिव (RH-) तत्व है, उनमें कोरोना का खतरा कम है। इसके अलावा शोध में ये भी देखा गया कि B ब्लड ग्रुप वाले पुरुष रोगियों में महिला रोगियों की तुलना कोविड -19 का खतरा ज्यादा होता है। इसके अलावा AB ब्लड ग्रुप वाले 60 वर्ष के आयु वर्ग के रोगियों में भी संक्रमण का खतरा ज्यादा है।

Omicron को लेकर भारत में नई गाइडलाइन

कोरोना के इस नए वैरिएंट के खतरे की घंटी सुनाई देने के साथ ही केंद्र सरकार ने इसे लेकर नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इस नई गाइडलाइन के मुताबिक जोखिम वाले देशों से आने वाले इंटरनेशनल पैसेंजर्स के लिए RTPCR टेस्ट अनिवार्य का दिया गया है। यही नहीं पैसेंजर को एयरपोर्ट छोड़ने की परमीशन तब तक नहीं दी जाएगी जब तक दिए गए सैंपल की जांच का रिजल्ट नहीं आ जाता। टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए पैसेंजर्स को क्वॉरेंटीन किया जाएगा और प्रोटोकॉल के मुताबिक उनका इलाज होगा।

Omicron variant kya hai

                                                                             New Covid-19 Omicron Variant

इसके अलावा पॉजिटिव पाए गए व्यक्ति के सैंपल भी जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे। रिपोर्ट नेगेटिव आने पर पैसेंजर एयरपोर्ट से जा पाएंगे लेकिन कम से कम 7 दिनों के लिए उन्हें घर पर अलग रहना होगा। इसी के साथ इंडिया लौटने के आठवें दिन उन्हें दोबारा अपना कोविड टेस्ट कराना होगा। केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई इन तमाम गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य होगा।

इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए हेल्दी डाइट (Foods For Immunity Boosting) :

कोरोना वायरस से लड़ने में हमारी इम्यूनिटी काफी अहम मानी जाती है। सर्दियों के मौसम में हमारी इम्यूनिटी काफी कमजोर पड़ जाती है। कोरोना के नए वेरिएंट को देखते हुए हमें अपनी इम्यूनिटी को मजबूत रखने की जरूरत है।

दरअसल इम्यूनिटी (Foods For Immunity) मजबूत होने से शरीर को कई वायरल संक्रमण से बचाया जा सकता है। लेकिन अगर हमारी इम्यूनिटी (immunity) कमजोर है, तो हम कई बीमारियों की चपेट में जल्दी आ सकते हैं। इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए हेल्दी डाइट अहम मानी जाती है। तो चलिए आज हम आपको इम्यूनिटी को मजबूत बनाने वाले कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बताते हैं।

इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं ये फूड्स :

1. नारियल पानी को सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। नारियल में एंटीवायरल गुण और बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो वायरल इंफेक्शन से लड़ने में मदद कर सकते हैं।

2. ड्राई फ्रूट्स और नट्स को सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। खासतौर पर सर्दियों के मौसम में. इनमें पाए जाने वाले पोषक तत्व शरीर को हेल्दी रखने और इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।

3. कोविड के नए वेरिएंट को देखते हुए आप अपनी इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए, अपनी डाइट में एंटीऑक्सीडेंट रिच फूड्स को शामिल करें। प्याज, लहसुन, गाजर और कद्दू में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।

4. सर्दियों का मौसम है इस मौसम में बहुत से ऐसे मौसमी फल आते हैं, जो न सिर्फ स्वाद बल्कि इम्यूनिटी को भी बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। फ्रेश फ्रूट्स में भरपूर मात्रा में विटामिन सी और मिनरल पाया जाता है, जो इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद कर सकते हैं।

5. सर्दियों के मौसम में हर्बल टी न सिर्फ सर्दी-खांसी को कम करने में मददगार है, बल्कि संक्रमण से भी बचाने का काम कर सकती है। तुलसी, ग्रीन टी, अदरक टी का सेवन कर इम्यूनिटी को मजबूत बना सकते हैं।

Conclusion

दोस्तों, इस Post में हमने कोरोना का नया ओमीक्रोन वैरिएंट (Omicron Variant) के बारे में बताया। हमारी ये पोस्ट कैसी लगी, कृपया कमेन्ट करके बताएं। अगर पोस्ट अच्छी लगी हो या आपको इस Post से related कोई सवाल या सुझाव है तो नीचे Comment करें और इस Post को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें।

FAQ

क्‍या है कोव‍िड का नया ओमीक्रोन वैर‍िएंट ( Omicron variant)?

WHO ने कोव‍िड के नए वैरिएंट को ओमीक्रोन का नाम द‍िया है, इसकी पहचान बी.1.1.529 के तौर पर की गई है। ये वैर‍िएंट दक्ष‍िण अफ्रीका में पाया गया है।

Omicron variant (ओमीक्रोन वैर‍िएंट) पहली बार कब मिला ?

ओमीक्रोन वैर‍िएंट 11 नवंबर को बोत्सवाना में मिला। उसके बाद हॉन्गकॉन्ग, इजरायल, बेल्जियम में मिला।

क्‍यों खतरनाक है omicron variant?

ऐसा माना जाता है क‍ि ये नया omicron variant, डेल्‍टा वैर‍िएंट के मुकाबले तेजी से फैल सकता है और वैक्‍सीन लेने के बाद भी मरीज पर बुरा असर डाल सकता है।

क्या RT-PCR टेस्ट से ओमिक्रोन वेरिएंट का पता लगाया जा सकता है?

वायरस के स्पाइक प्रोटीन और जीन में हो रहे बदलाव की वजह से अभी यह कहना मुश्किल है कि आरटी-पीसीआर टेस्ट से ओमिक्रोन वेरिएंट की मौजूदगी का पता चल सकता है या नहीं।

by Tripti Srivastava
मेरा नाम तृप्ति श्रीवास्तव है। मैं इस वेबसाइट की Verified Owner हूँ। मैं न्यूमरोलॉजिस्ट, ज्योतिषी और वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ हूँ। मैंने रिसर्च करके बहुत ही आसान शब्दों में जानकारी देने की कोशिश की है। मेरा मुख्य उद्देश्य लोगों को सच्ची सलाह और मार्गदर्शन से खुशी प्रदान करना है।

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