12 Helpful Tips For Thyroid Remedies in Hindi

Thyroid Remedies in Hindi

Contents.....

थायरॉयड एक तरह की ग्रंथि होती है जो तितली के आकार का होता है एवं गले में बिल्कुल सामने की ओर होती है। थायरॉयड महिलाओं में होने वाला सबसे आम हार्मोन असंतुलन है। इसका कम या ज्यादा होना दोनों ही व्यक्ति के शरीर के लिए बीमारी का कारण है। आज की इस पोस्ट में हम थायराइड सम्बन्धी समस्याएं और उपचार – Thyroid Remedies in Hindi के बारे में विस्तार से बताएँगे .

What is Thyroid Disease

थायरॉयड ग्रंथि आपके शरीर के मेटाबॉल्जिम को नियंत्रित करती है। अर्थात् जो भोजन हम खाते हैं यह उसे ऊर्जा में बदलने का काम करती है। इसमें से थायराइड हार्मोन का स्राव होता है जो हमारे मेटाबालिज्म की दर को संतुलित करता है. शरीर में होने वाली मेटाबॉलिज्म क्रियाओं में थाइरॉइड ग्रंथि से निकलने वाले थाइरॉक्सिन हार्मोन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.

थायराइड की समस्या

अगर थाइरॉक्सिन हार्मोन कम होने लगता है, तो आपके शरीर का मेटाबोलिज्म बहुत तेज हो जाता है और आपकी ऊर्जा बहुत जल्दी खर्च हो जाती है। अगर बढ़ जाए, तो शरीर की मेटाबोलिज्म प्रक्रिया धीमी हो जाती है। ऐसे में शरीर में ऊर्जा बननी कम हो जाती है और थकान तथा सुस्ती बढ़ जाती है।

थायराइड सम्बन्धी समस्याएं और उपचार – Thyroid Remedies in Hindi

थायराइड की समस्या दो प्रकार की होती है. एक तो हाइपोथॉयराइडिज्म और दूसरी हाइपरथॉयराइडिज्म होती है. चलिए आपको इनके बारे में विस्तार से बताते है.

हाइपोथॉयराइडिज्म और हाइपरथॉयराइडिज्म

 

जब थॉयराइड ग्रंन्थि से अधिक हॉर्मोन बनने लगे तो हाइपरथॉयरॉइडिज्म और जब कम हार्मोन बनने लगे तो ये हाइपोथायरॉइडिज्म होता है

हाइपोथॉयराइडिज्म

हाइपोथायरॉइडिज्म में शरीर का वजन बढऩे लगता है, भूख कम लगती है जोड़ों में दर्द रहता है, हाथ पैरों में सूजन आने लगती है, कब्ज़ होने लगती है और ठण्ड ज्यादा लगती है

हाइपरथायरॉउडिज्म

हाइपरथायरॉउडिज्म में Weight कम होने लगता है, बार बार भूख लगने का अहसास होता है, पसीना अधिक आता है और हाथों पैरों में कपकपी होने लगती है.


 
 
Thyroid Remedies in Hindi
Thyroid Remedies in Hindi
 


थायराइड के लक्षण

हार्मोनल बदलाव.. 

महिलाओं को पीरियड्स के दौरान थाइरॉइड की स्थिति में पेट में दर्द अधिक रहता है. वैसे आपको बता दे कि हाइपरथाइरॉइड में अनियमित पीरियड्स रहते हैं. इसके लावा थाइरॉइड की स्थिति में गर्भ धारण करने में भी दिक्कत हो सकती है.
 

मोटापा..

हाइपोथाइरॉइड की स्थिति में अक्सर तेजी से वजन बढ़ता है. इतना ही नहीं इससे शरीर में कॉलेस्ट्रॉल का स्तर भी बढ़ जाता है. तो वहीं दूसरी ओर हाइपरथाइरॉइड की स्थिति में कॉलेस्ट्रॉल बहुत कम हो जाता है.
 

थकान, अवसाद या घबराहट.. 

अगर अधिक मेहनत किए बिना ही आप थकान महसूस करते हैं या छोटी छोटी बातों पर आपको घबराहट होती है तो इसकी वजह थाइरॉइड हो सकती है.
 

मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द.. 

हाइपोथाइरॉडड यानि शरीर में टीएसएच( TSH) अधिक और T3, T4 कम होने पर मांसपेशियों और जोड़ों में अक्सर दर्द रहता है.
 

गर्दन में सूजन.. 

 थाइरॉइड बढऩे पर गर्दन में सूजन की संभावना भी बढ़ जाती है. इसलिए यदि गर्दन में सूजन या भारीपन का एहसास हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.
 

बालों और त्वचा की समस्या.. 

 इसके अतिरिक्त हाइपोथाइरॉइड की स्थिति में त्वचा में रूखापन,बालों का झडऩा,भौंहों के बालों का झडऩा जैसी समस्याएं होती हैं. जबकि हाइपरथाइरॉइड में बालों का तेजी से झडऩा और संवेदनशील त्वचा जैसे लक्षण दिखाई देते है.
 

पेट खराब होना.. 

गौरतलब है,कि लंबे समय तक कान्सटिपेशन की समस्या हाइपोथाइरॉइड में होती है. जब कि हाइपरथाइरॉइड में डायरिया की दिक्कत बार बार होती है.
 
इसके इलावा थॉयराइड की समस्या होने पर थकान,आलस, कब्ज का होना,चिड़चिड़ापन,अत्यधिक ठंड लगना,भूलने की समस्या,वजन कम होना,तनाव और अवसाद जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. थाइरॉइड हमारे शरीर की कार्यपद्धति मे बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है
 

थायराइड से बचने के घरेलू उपाय : Thyroid Remedies in Hindi

थायराइड के रोगी को इलाज के घरेलू नुस्खे और उपाय करने के साथ साथ इस बात की जानकारी होनी जरुरी है की उसे अपने आहार में क्या खाना चाहिए और क्या ना खाये. इतना ही नहीं, थाइराइड के रोग में डाइट चार्ट का पालन करने के साथ साथ नियमित रूप से एक्सरसाइज और योग भी करना चाहिए.
 

 Helpful Tips For Thyroid


थायराइड की दवा नियमित और सही समय पर लेने से आपका वजन नहीं बढ़ता। कुछ लोग थायराइड की समस्यां को मामूली समझ कर इग्नोर कर देते है। इसमें दी जाने वाली एंडरएक्टिव दवाओं से वजन कम करने में मदद मिलती है। इसलिए इनका सेवन जरुर करें।
 
 

Thyroid Remedies in Hindi

थायराइड की समस्या से निजात पाने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे हैं. जिन्हे अपना कर थायराइड की समस्या को कम किया जा सकता है. तो चलिए जानते हैं कौन से हैं वो घरेलू तरीके जिनकी मदद से आप थायराइट से मुक्ति पा सकती हैं.

आहार

ऐसे आहार जिनमें आयरन और कॉपर पर्याप्त मात्रा में हो, इनके सेवन से थायराइड के फंक्‍शन में मदद मिलती है. बादाम, काजूऔर सूरजमुखी के बीजों में कॉपर और हरी पत्तेदार सब्जियों मेंआयरन भरपूर मात्रा में होता है. कम वसा वाली दही का सेवन थायराइड के रोगी के लिए फायदे मंद है.

आँवला चूर्ण और शहद.

 
आपको लग रहा होगा कि आँवला,चूर्ण और शहद तो साधारण सी चीजे है,लेकिन आपको बता दे कि अभी तक थायराइड से ग्रसित जितने भी रोगी थे उनको यही उपाय बताया गया और उन्हें सौ प्रतिशत इसका परिणाम भी अच्छा मिला है. इसका असर 15 दिनों में ही आपको महसूस होने लगेगा
 
आप सुबह उठते ही खाली पेट एक चम्मच शहद और ध्यान रहे कि ऑर्गेनिक शहद कम से कम 10 – 15 ग्राम शहद मिक्स कर के ऊँगली से चाटे.ये प्रक्रिया रात को खाना खाने के 2 घंटे बाद या सोते वक़्त भी दोहराएं. ये बेहद आसान उपाय तो है ही और साथ ही ये आपके लिए कारगर भी सिद्ध होगा.
 

अश्वगंधा.

शहद के इलावा अश्वगंधा भी चमत्कारी दवा के रूप में कार्य करता है. अश्वगंधा का सेवन करने से थायराइड की अनियमितता पर नियंत्रण होता है. साथ ही अश्वगंधा के नियमित सेवन से शरीर में भरपूर ऊर्जा बनी रहती है और कार्यक्षमता में भी वृद्धि होती है.
 

समुद्री घास.

 समुद्री घास भी थाइरॉइड ग्रंथि को नियमित बनाने के लिए एक रामबाण दवा की तरह काम करती है. समुद्री घास के सेवन से शरीर को मिनरल्स और आयोडीन मिलता है. इसलिए समुद्री घास का सेवन इस बीमारी में लाभदायक होता है. इसके इलावा इससे मिलने वाले एंटीऑक्सीडेंट भी स्किन को जवान बनाएं रखते हैं.
 

नींबूं की पत्तियां.

 नींबू की पत्तियों का सेवन थाइरॉइड को नियमित करता हैं. दरअसल मुख्य रूप से इसका सेवन थाइरॉक्सिन के अत्याधिक मात्रा में बनने पर रोक लगाता है. साथ ही इसकी पत्तियों की चाय बनाकर पीना भी इस बीमारी में रामबाण औषधि का काम करती है.
 

ग्रीन ओट्स.

थाइरॉइड में ग्रीन ओट्स एक नेचुरल औषधि की तरह कार्य करते है. ये शरीर में हो रही थाइरॉक्सिन की अधिकता और उसके कारण हो रही समस्याओं को मिटाते है.
 

अखरोट.

 अखरोट इस बीमारी के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. गौरतलब है कि अखरोट में सेलेनियम नामक तत्व पाया जाता है जो थॉयराइड की समस्या के उपचार में फायदेमंद है. सेलेनियम थॉयराइड से सम्बंधित अधिकांश एंजाइम्स का एक प्रमुख घटक द्रव्य है,जिसके सेवन से थॉयराइड ग्रंथि सही तरीके से काम करने लगती है
 
अखरोट के सेवन से थॉयराइड के कारण गले में होने वाली सूजन को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है. अखरोट से सबसे अधिक फायदा हाइपोथॉयराइडिज्म की स्थिति में मिलता है.अखरोट के इलावा सेलेनियम बादाम में भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है.
 
 
 जरूर पढ़ें : 
 

Best Remedies to get rid of Headache immediately in Hindi 2021

7 दिन में सफेद बालों को जड़ से काला करने का चमत्कारिक उपाय 

Zika Virus क्या है जानें इसके लक्षण, इलाज और बचाव के तरीके

 

धनिये का प्रयोग.

थाइरॉइड के लिए हरे पत्ते वाले धनिये की ताजा चटनी बना कर एक बडा चम्मच एक गिलास पानी में घोल कर रोजाना पीए. इससे आप एक दम ठीक हो जाएंगे.
 

जूस पीना

थायराइड में चाय का अधिक सेवन करने से भी मोटापा बढ़ जाता है। इसके बजाए आप रोजाना चुकंदर,अनानास और सेब से बना जूस पी सकते है। रोजाना इसे पीने से आपका मोटापा भी कम हो जाएगा और आपको एनर्जी भी मिलेगी.

थायराइड में अजवाइन के फायदे : Thyroid Remedies in Hindi

इसके अलावा आप चाहे तो एक जूस तैयार कर सकते हैं इसे लिए आपको दालचीनी पाउडर, अजवाइन पाउडर और मेथी पाउडर सभी को मिलाकर चूर्ण बना लें और इसे एक चम्मच रोज गर्म पानी में मिलाकर पीने से थॉयराइड की समस्या‍या से छुटकारा निश्चित मिलेगा।

नियमित व्यायाम : Thyroid Remedies in Hindi

थॉयराइड ग्रंथि की समस्या होने पर स्वस्थ खानपान और नियमित रूप से व्यायाम को अपनी दिनचर्या में जरूर अपनाएं. इस बीमारी के कारण बढ़ रहें मोटापे को कम करने के लिए नियमित व्यायाम करें। सप्ताह में कम से कम पांच दिन तीस मिनट रोज व्यायाम या स्विमिंग करने से आपका मोटापा गायब हो जाएगा।

उज्जायी प्राणायाम.

इस उपाय में पद्मासन या सुखासन में बैठकर आँखें बंद कर लें. फिर अपनी जिह्वा को तालू से सटा दें. अब कंठ से श्वास को इस प्रकार खींचे कि गले से ध्वनि और कम्पन उत्पन्न होने लगे. इस प्राणायाम को दस से बढाकर बीस बार तक प्रतिदिन करें. प्राणायाम प्रात नित्यकर्म से निवृत्त होकर खाली पेट करें.

 

एक्युप्रेशर चिकित्सा.

एक्युप्रेशर चिकित्सा के अनुसार थायरायड के केंद्र दोनों हांथो और पैरों के अंगूठे के बिलकुल नीचे और अंगूठे की जड़ के नीचे ऊँचे उठे हुए भाग में स्थित होते हैं. थायरायड के हाइपोथायरॉइडिज्म की अवस्था में इन केन्द्रों पर घडी की सुई की दिशा में अर्थात बाएं से दायें तरफ प्रेशर दें. लेकिन हाइपरथॉयरॉइडिज्म की स्थिति में प्रेशर दायें से बाएं देना चाहिए.
 

Conclusion

दोस्तों, आज हमने थायराइड सम्बन्धी समस्याएं और उपचार ( Thyroid Remedies in Hindi ) के बारे में बताया। हमारी ये पोस्ट कैसी लगी, कृपया कमेन्ट करके बताएं। अगर पोस्ट अच्छी लगी हो या आपको इस post से related कोई सवाल या सुझाव है तो नीचे comment करें और इस post को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें .

धन्यवाद !

FAQ

थायराइड के मरीजों को लहसुन खाना चाहिए या नहीं?

लहसुन में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो थायराइड को कंट्रोल में रखते हैं। इसलिए थायराइड के मरीजों को अपनी डाइट में लहसुन जरूर शामिल करना चाहिए।

थायराइड के मरीजों को मूली खानी चाहिए या नहीं?

मूली थायराइड को अनियंत्रित करती है। इसलिए थायराइड के मरीजों को मूली के सेवन से बचना चाहिए।

थायराइड रोगियों को केला का सेवन करना चाहिए या नहीं?

केला थायराइड हॉर्मोन को अनियंत्रित कर सकता है। ऐसे में अगर आप थायराइड के मरीज हैं, तो केले को अपनी डाइट में बिल्कुल भी शामिल न करें।

by Tripti Srivastava
मेरा नाम तृप्ति श्रीवास्तव है। मैं इस वेबसाइट की Verified Owner हूँ। मैं न्यूमरोलॉजिस्ट, ज्योतिषी और वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ हूँ। मैंने रिसर्च करके बहुत ही आसान शब्दों में जानकारी देने की कोशिश की है। मेरा मुख्य उद्देश्य लोगों को सच्ची सलाह और मार्गदर्शन से खुशी प्रदान करना है।

2 thoughts on “12 Helpful Tips For Thyroid Remedies in Hindi”

Leave a Comment